Agar Tum Saath Ho (अगर तुम साथ हो) From “Tamasha” – Song by Alka Yagnik and Arijit Singh
Songwriters: A. R. Rahman / Irshad Kamil
पल भर ठहर जाओ
दिल ये संभल जाए
कैसे तुम्हे रोका करूँ
मेरी तरफ आता हर गम फिसल जाए
आँखों में तुम को भरूं
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
‘गर तुम साथ हो…
अगर तुम साथ हो
बहती रहती…
नहर नदिया सी तेरी दुनिया में
मेरी दुनिया है तेरी चाहतों में
मैं ढल जाती हूँ तेरी आदतों में
‘गर तुम साथ हो
तेरी नज़रों में है तेरे सपने
तेरे सपनो में है नाराज़ी
मुझे लगता है के बातें दिल की
होती लफ़्ज़ों की धोकेबाज़ी
तुम साथ हो या ना हो क्या फ़र्क है
बेदर्द थी ज़िंदगी बेदर्द है
अगर तुम साथ हो
अगर तुम साथ हो
पलकें झपकते ही, दिन ये निकल जाए
बेती बेती भागी फिरू…
मेरी तरफ आता, हर गम फिसल जाए
आँखों में तुम को भरूं
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
‘गर तुम साथ हो
अगर तुम साथ हो
तेरी नज़रों में है तेरे सपने
तेरे सपनो में है नाराज़ी
मुझे लगता है के बातें दिल की
होती लफ़्ज़ों की धोकेबाज़ी
तुम साथ हो या ना हो क्या फ़र्क है
बेदर्द थी ज़िंदगी बेदर्द है
अगर तुम साथ हो
दिल ये संभल जाए
हर गम फिसल जाए
(अगर तुम साथ हो)
दिन ये निकल जाए
(अगर तुम साथ हो)
हर गम फिसल जाए
