दफ़्तरी – मुंशी प्रेमचंद ( Daftari – Munshi Premchand )
दफ़्तरी – मुंशी प्रेमचंद ( Daftari – Munshi Premchand ) दफ़्तरी रफाकत हुसेन मेरे दफ्तर का दफ्तरी था। 10 रु. मासिक वेतन पाता था। दो-तीन रुपये बाहर के फुटकर काम से मिल जाते थे। यही उसकी जीविका थी, पर वह…
