विषम समस्या – मुंशी प्रेमचंद ( Visham Samashya – Munshi Premchand)

विषम समस्या – मुंशी प्रेमचंद (Visham Samashya – Munshi Premchand) विषम समस्या मेरे दफ्तर में चार चपरासी थे, उनमें एक का नाम गरीब था। बहुत ही सीधा, बड़ा आज्ञाकारी, अपने काम में चौकस रहनेवाला, घुड़कियाँ खाकर चुप रह जानेवाला। यथा…

लैला – मुंशी प्रेमचंद ( Laila – Munshi Premchand) – Part 2

लैला – मुंशी प्रेमचंद ( Laila – Munshi Premchand) Part 2 6 सहसा राज-भवन के द्वार पर शोर मचने लगा। एक क्षण में मालूम हुआ कि जनता का टिड्डी दल, अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित, राजद्वार पर खड़ा दीवारों को तोड़ने की…

लैला – मुंशी प्रेमचंद ( Laila – Munshi Premchand)

लैला – मुंशी प्रेमचंद ( Laila – Munshi Premchand) लैला यह कोई न जानता था कि लैला कौन है, कहाँ से आयी है और क्या करती है। एक दिन लोगों ने एक अनुपम सुंदरी को तेहरान के चौक में अपने…

गरीब की हाय – मुंशी प्रेमचंद ( Gareeb ki Haye – Munshi Premchand)

गरीब की हाय – मुंशी प्रेमचंद ( Gareeb ki Haye – Munshi Premchand) गरीब की हाय मुंशी रामसेवक भौंहे चढ़ाए हुए घर से निकले और बोले- ‘इस जीने से तो मरना भला है।’ मृत्यु को प्रायः इस तरह के जितने…

ज्वालामुखी – मुंशी प्रेमचंद ( Jwalamukhi – Munshi Premchand)

ज्वालामुखी – मुंशी प्रेमचंद ( Jwalamukhi – Munshi Premchand) ज्वालामुखी डिग्री लेने के बाद मैं नित्य लाइब्रेरी जाया करता। पत्रों या किताबों का अवलोकन करने के लिए नहीं। किताबों को तो मैंने न छूने की कसम खा ली थी। जिस…

शांति – मुंशी प्रेमचंद ( Shanti – Munshi Premchand)

शांति – मुंशी प्रेमचंद ( Shanti – Munshi Premchand) शांति जब मैं ससुराल आयी, तो बिलकुल फूहड़ थी। न पहनने-ओढ़ने का सलीका, न बातचीत करने का ढंग। सिर उठा कर किसी से बातचीत न कर सकती थी। आँखें अपने आप…

Chapter 169 – Alpha Asher by Jane Doe

Chapter 169 Alpha Asher by Jane Doe I shrugged and pushed past him. “Not all of us are used to night shift. Judging from your grumpiness, I’d say you’re not used to it either.” “I am not grumpy.”‘ He huffed,…

Chapter 168 – Alpha Asher by Jane Doe

Chapter 168 Alpha Asher by Jane Doe The trick I did, somehow managing to control the otherworldly power that was known for being uncontrollable, left me with little to no energy and a raging case of cotton mouth. Even worrying…

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